मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत ने नागरिकता संशाेधन कानून काे जल्दबाजी में लाया गया कानून बताते हुए कहा कि इसकी आड़ में नरेंद्र माेदी और भाजपा हिन्दू-मुस्लिम के ध्रुवीकरण की राजनीति करना चाह रहे हैं लेकिन यह चाल सफल नहीं हाेने वाली है। भाजपा के लाेग खुद गलतफहमियां पैदा कर रहे हैं और वे कह रहे कि कांग्रेस इस कानून का विराेध कर रही है। हम ताे यह बता रहे हैं कि इस कानून में हुए संशाेधन से सभी काे तकलीफ हाेने वाली है। उसमें चाहे हिंदू हाे या मुस्लिम, सीख हाे या ईसाई, फारसी हाे या जैन।
यह कानून बनाने से पहले ना ताे देशवासियाें की भावना काे समझा गया और ना ही विपक्ष की पार्टियों से कोई बात की गई। उन्होंने कहा कि क्या मोदी नाेटबंदी की तरह लाेगाें काे फिर से लाइनाें में खड़ा कराना चाहते हैं। नाेटबंदी में ताे चलाे नाेट बदलवा दिए लेकिन अब माता-पिता के प्रमाण पत्र, उनका जन्म कहां हुअा, तारीख क्या है इसके प्रमाण पत्र कहां से लाएंगे? माेदी से पूछना चाहता हूं कि देश में कई जातियां जाे घुमक्कड़ हैं, उन लाेग का क्या हाेगा? उनके माता पिता के जन्म का प्रमाण पत्र कहां से मिलेंगे? मुख्यमंत्री रविवार काे उदयपुर के डबाेक एयरपाेर्ट पर पत्रकाराें से बात कर रहे थे।
जेएनयू में दिल्ली पुलिस से गुंडागर्दी कराई गई है, ऐसा तमाशा कभी नहीं देखा
पिछले सप्ताह जवाहर लाल यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा को लेकर पूछे गए सवाल पर गहलाेत ने कहा कि जेएनयू में जाे गुंडागर्दी हुई है, ऐसा तमाशा ताे हिन्दुस्तान के इतिहास में कहीं पर भी नहीं हुआ हाेगा। दिल्ली पुलिस के माध्यम से गुंडागर्दी करवाई गई है जो खतरनाक है। अगर पूरे मुल्क में पुलिसवाले ऐसा करने लगे जैसा जेएनयू में हुआ तो कानून व्यवस्था का क्या हाेगा।